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TemplatesType: Form/TemplateFormats: .DOCX / Word & .PDF8 min readUpdated May 2026By Julian Vance

Business Partnership Agreement Format in Hindi

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What is a Business Partnership Agreement Format in Hindi?

A business partnership agreement format in hindi is a standardized document used to streamline processes, ensure consistency, and maintain compliance within the legal-contracts domain. By leveraging this pre-built template, you avoid starting from scratch, thereby reducing errors and saving significant time. Our professionally designed format is easily accessible as an editable Word (.docx) document, alongside an official printable PDF.

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Registry ID: TR-BUSINESS

व्यापार साझेदारी समझौता प्रारूप (BUSINESS PARTNERSHIP AGREEMENT)

दस्तावेज़ नियंत्रण (Document Control)

  • प्रभावी तिथि (Effective Date): [दिनांक]
  • संस्करण (Version): 1.0 (उत्पादन-तैयार / Production-Ready)
  • क्षेत्राधिकार (Jurisdiction): भारत गणराज्य (Republic of India) / [राज्य का नाम]
  • शासी कानून (Governing Law): भारतीय भागीदारी अधिनियम, 1932 (Indian Partnership Act, 1932)

आधिकारिक सूचना और अस्वीकरण (Official Notice & Disclaimer)

कानूनी अस्वीकरण (Legal Disclaimer): यह प्रारूप एक मानक कॉर्पोरेट ढांचा है जो भारतीय भागीदारी अधिनियम, 1932 के तहत तैयार किया गया है। यह दस्तावेज़ विशिष्ट कानूनी सलाह का विकल्प नहीं है। कॉर्पोरेट लीगल काउंसिल और ऑपरेशंस आर्किटेक्ट के रूप में, यह अनुशंसा की जाती है कि इस समझौते को अंतिम रूप देने से पहले किसी योग्य चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) या कॉर्पोरेट वकील से समीक्षा कराई जाए। वित्तीय और व्यावसायिक जोखिमों के लिए पक्षकार स्वयं उत्तरदायी होंगे।


1. पक्ष और परिभाषाएँ (Parties & Definitions)

यह साझेदारी समझौता (इसके बाद "समझौता" कहा जाएगा) आज दिनांक [दिन] [महीना], [वर्ष] को निम्नलिखित पक्षों के बीच निष्पादित किया जाता है:

  1. प्रथम पक्ष (First Partner): श्री/श्रीमती [प्रथम साझेदार का पूरा कानूनी नाम], पुत्र/पुत्री [पिता का नाम], निवासी [पूर्ण आवासीय पता], पैन कार्ड संख्या: [पैन नंबर], जिन्हें इसके बाद "प्रथम पक्ष / साझेदार 1" कहा जाएगा।
  2. द्वितीय पक्ष (Second Partner): श्री/श्रीमती [द्वितीय साझेदार का पूरा कानूनी नाम], पुत्र/पुत्री [पिता का नाम], निवासी [पूर्ण आवासीय पता], पैन कार्ड संख्या: [पैन नंबर], जिन्हें इसके बाद "द्वितीय पक्ष / साझेदार 2" कहा जाएगा।

(यदि दो से अधिक साझेदार हैं, तो इसी प्रारूप में विवरण जोड़ा जा सकता है)


2. परिचालन खंड और शर्तें (Operative Clauses & Terms)

धारा 1: साझेदारी का नाम और प्रकृति (Name & Nature of Partnership)

1.1 फर्म का नाम: व्यवसाय का संचालन [फर्म का आधिकारिक नाम] (इसके बाद "फर्म") के नाम से किया जाएगा। 1.2 व्यापार का स्थान: फर्म का मुख्य पंजीकृत कार्यालय [पंजीकृत कार्यालय का पूरा पता] पर स्थित होगा। आपसी सहमति से अन्य शाखाएं खोली जा सकती हैं। 1.3 व्यापार का उद्देश्य: फर्म का मुख्य व्यवसाय [व्यापार का विस्तृत विवरण जैसे: सॉफ्टवेयर विकास, खुदरा व्यापार, विनिर्माण आदि] करना होगा।

धारा 2: अवधि (Duration)

2.1 यह साझेदारी दिनांक [प्रारंभ तिथि] से शुरू होगी और तब तक जारी रहेगी जब तक कि इस समझौते के प्रावधानों के अनुसार इसे विघटित (Dissolve) नहीं किया जाता।

धारा 3: पूंजी योगदान (Capital Contribution)

3.1 फर्म के प्रारंभिक पूंजीगत व्यय को पूरा करने के लिए साझेदार निम्नलिखित राशि का योगदान करेंगे:

  • साझेदार 1: ₹[अंकों में राशि] (शब्दों में: [शब्दों में राशि])
  • साझेदार 2: ₹[अंकों में राशि] (शब्दों में: [शब्दों में राशि]) 3.2 अतिरिक्त पूंजी की आवश्यकता होने पर, सभी साझेदार अपने लाभांश अनुपात के आधार पर आनुपातिक रूप से योगदान करेंगे।

धारा 4: लाभ और हानि का विभाजन (Profit & Loss Sharing)

4.1 फर्म का कुल शुद्ध लाभ या शुद्ध हानि (Net Profit/Loss) साझेदारों के बीच निम्नलिखित अनुपात में विभाजित किया जाएगा:

  • साझेदार 1: [प्रतिशत, जैसे: 50]%
  • साझेदार 2: [प्रतिशत, जैसे: 50]%

धारा 5: प्रबंधन और निर्णय लेना (Management & Decision Making)

5.1 सभी साझेदारों को फर्म के दिन-प्रतिदिन के प्रबंधन में भाग लेने का अधिकार होगा। 5.2 निम्नलिखित प्रमुख व्यावसायिक निर्णयों के लिए सभी साझेदारों की लिखित सर्वसम्मति अनिवार्य होगी:

  • ₹[रकम सीमा] से अधिक का ऋण या उधार लेना।
  • फर्म की अचल संपत्ति का क्रय, विक्रय या बंधक।
  • किसी नए साझेदार का प्रवेश।

धारा 6: बैंक खाते और वित्तीय संचालन (Bank Accounts & Financial Operations)

6.1 फर्म के नाम पर किसी भी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक में चालू खाता (Current Account) खोला जाएगा। 6.2 बैंक खाता [साझेदार 1 का नाम] और [साझेदार 2 का नाम] द्वारा संयुक्त रूप से या एकल रूप से अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं के माध्यम से संचालित किया जाएगा।

धारा 7: लेखा पुस्तकें और लेखा परीक्षा (Books of Accounts & Audit)

7.1 फर्म की सभी वित्तीय और लेखा पुस्तकें (Books of Accounts) पंजीकृत कार्यालय में रखी जाएंगी। 7.2 वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल से 31 मार्च तक माना जाएगा। लेखा पुस्तकों की वार्षिक लेखा परीक्षा (Audit) एक योग्य चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा कराई जाएगी।

धारा 8: साझेदार की मृत्यु, सेवानिवृत्ति या निष्कासन (Death, Retirement or Expulsion)

8.1 यदि कोई साझेदार व्यवसाय से सेवानिवृत्त होना चाहता है, तो उसे अन्य साझेदारों को न्यूनतम [संख्या, जैसे: 30] दिनों का लिखित नोटिस देना होगा। 8.2 किसी साझेदार की मृत्यु या दिवालिया होने की स्थिति में, फर्म का विघटन स्वतः नहीं होगा, बशर्ते शेष साझेदार व्यवसाय को जारी रखने का लिखित निर्णय लें।

धारा 9: विवाद समाधान (Dispute Resolution)

9.1 इस समझौते से उत्पन्न होने वाले किसी भी विवाद को पहले आपसी बातचीत और मध्यस्थता (Mediation) के माध्यम से हल किया जाएगा। 9.2 यदि विवाद हल नहीं होता है, तो मामले को भारतीय मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 के तहत एक एकल मध्यस्थ (Sole Arbitrator) के पास भेजा जाएगा। मध्यस्थता का स्थान [शहर का नाम] होगा और भाषा हिंदी या अंग्रेजी होगी।

धारा 10: क्षेत्र अधिकार (Jurisdiction)

10.1 इस समझौते के संबंध में किसी भी कानूनी कार्रवाई के लिए [शहर/राज्य] की अदालतों का अनन्य क्षेत्राधिकार (Exclusive Jurisdiction) होगा।


3. निष्पादन और हस्ताक्षर ब्लॉक (Execution & Signatures Block)

इस समझौते के साक्ष्य के रूप में, नीचे हस्ताक्षर करने वाले पक्षों ने स्वेच्छा से बिना किसी दबाव या प्रभाव के, ऊपर उल्लिखित प्रभावी तिथि पर इस दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर किए हैं।

प्रथम पक्ष (साझेदार 1):

  • हस्ताक्षर: _______________________
  • पूरा नाम: [प्रथम साझेदार का पूरा नाम]
  • पद: प्रबंध साझेदार (Managing Partner)
  • दिनांक: [दिनांक]

द्वितीय पक्ष (साझेदार 2):

  • हस्ताक्षर: _______________________
  • पूरा नाम: [द्वितीय साझेदार का पूरा नाम]
  • पद: साझेदार (Partner)
  • दिनांक: [दिनांक]

गवाह (Witnesses):

  1. गवाह 1:

    • हस्ताक्षर: _______________________
    • नाम: [गवाह 1 का नाम]
    • पता: [गवाह 1 का पता]
  2. गवाह 2:

    • हस्ताक्षर: _______________________
    • नाम: [गवाह 2 का नाम]
    • पता: [गवाह 2 का पता]

4. चरण-दर-चरण निष्पादन मार्गदर्शिका (Step-by-Step Execution Guide)

  1. स्टाम्प पेपर खरीद (Stamp Paper Procurement): अपने राज्य के प्रचलित नियमों के अनुसार उपयुक्त मूल्य (जैसे ₹100 या ₹500, जैसा स्थानीय कानूनों द्वारा अनिवार्य हो) का नॉन-जुडिशियड स्टाम्प पेपर खरीदें।
  2. विवरण भरना (Data Insertion): ब्रैकेट [...] में दिए गए सभी स्थानों पर सटीक कॉर्पोरेट और व्यक्तिगत विवरण भरें। किसी भी प्रकार के अनुलग्नक (Annexures) को स्पष्ट रूप से लेबल करें।
  3. नोटरीकरण (Notarization): सभी साझेदारों और दो स्वतंत्र गवाहों को एक सार्वजनिक नोटरी (Notary Public) के समक्ष अपने हस्ताक्षर करने चाहिए। नोटरी से अपनी मुहर और हस्ताक्षर करवाएं।
  4. पंजीकरण (Registration): हालांकि भारतीय भागीदारी अधिनियम के तहत साझेदारी फर्म का पंजीकरण अनिवार्य नहीं है, किंतु कानूनी प्रवर्तनीयता (Enforceability) और बैंक खातों के सुचारू संचालन के लिए संबंधित राज्य के रजिस्ट्रार ऑफ फर्म्स (Registrar of Firms - RoF) के पास पंजीकरण अनिवार्य रूप से कराएं।
  5. पैन और कर अनुपालन (PAN & Tax Compliance): फर्म के नाम पर आयकर विभाग (Income Tax Department) से नया PAN कार्ड प्राप्त करें और आवश्यकतानुसार GST पंजीकरण पूरा करें।
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